करौली नगर परिषद के संविदाकर्मियों को स्थानीय विधायक और राज्य सरकार से राहत की उम्मीद
संविदा कार्मिकों को सात महीने का वेतन नहीं मिलने से जीवनयापन में परेशानी
करौली नगर परिषद में कार्य करने वाले संविदाकर्मियों की हालत बड़ी दयनीय है और संविदा कार्मिकों ने सभी अधिकारियों को अपने हितों की रक्षा हेतू अवगत करवा चुके है लेकिन किसी अधिकारी के पास इतना समय नहीं की राजकीय कर्मचारियों की भांति कार्य करने वाले संविदा कार्मिकों को जीवन यापन करने हेतू अल्प मानदेय समय पर दिया जाये जिससे संविदा कार्मिक अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।
पूर्व में भी इन संविदाकर्मियों ने लामबंद होकर मानदेय की मांग की थी लेकिन मांग स्थानीय सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीन्नुद्दीन खान और तत्कालीन आयुक्त नरसी लाल मीना को नागवार गुजरा और फायर ड्राइवर शकील खान व फायरमैन पुष्पेन्द्र शर्मा को मौखिक आदेश पर हटा दिया गया
और वर्तमान में भी यही हालात है कि जो वेतन की मांग करता है उसको धमकी मिलना प्रारंभ हो जाती है।
करौली नगर परिषद के आयुक्त भले बदले हो लेकिन हालात जस के तस बने हुए है इन कार्मिकों की पहले भी कोई सुनवाई नहीं होती थी और ना अब आयुक्त करणी सिंह के कार्यकाल में 7 माह से मानदेय बकाया है लेकिन कोई सुनवाई हो रही है वर्तमान में इनके घरों में दो वक्त की रोटी के लाले पड़ते दिखाई दे रहे है और अधिकारियों को इसकी कोई चिंता नहीं है जिससे इनका भविष्य अंधकारमय होता दिखाई दे रहा है।
आज कार्मिकों ने अग्निशमन केन्द्र पर लामबंद हो कर पत्रकार वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया जिसमें अग्निशमन केन्द्र के संविदा कार्मिक राज रयाना,आमिर खान,वाहिद खान,मोहसिन खान,दीपक शर्मा,एवं अन्य उपस्थित रहे और बताया कि आज तक सिर्फ ठेकेदार बदले है हालात नहीं ना तो समय पर वेतन मिलता है ना ही PF और ना वर्दी भत्ता पूर्व में ठेकेदार रामगोपाल मीना की फर्म हर्षिता इंटरप्राइजेज पर कई साल ठेका रहा लेकिन फर्म द्वारा कार्मिकों का PF जमा नहीं कराया गया अतः कार्मिकों ने शीघ्र समाधान की मांग की है।




